परियोजना प्रबंधन के खिलाफ गुस्साए ग्रामीण

घनसाली (टिहरी)। घुत्तू जल विद्युत परियोजना के खिलाफ चल रहे आमरण अनशन ने शुक्रवार को आंदोलन का रूप ले लिया। अभी तक समस्या न सुलझाने पर गुस्साए ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और घुत्तू बाजार बंद कराया। ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन का पुतला भी फूंका। उन्हाेंने कहा कि जब तक मांगों का निराकरण नहीं किया जाता आंदोलन जारी रखा जाएगा।
भिलंगना नदी पर 24.5 मेगावाट की भिलंगना जल विद्युत परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों में कंपनी के निर्माण कार्य से पूर्व हुए समझौते के अनुरूप काम न करने पर रोष बना है। वहीं कंपनी में रोजगार देने, नदी में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी छोड़ने, सायरन लगाने और पैदल संपर्क मार्गों की मरम्मत कराने की मांग को लेकर ग्रामीण सुंदर सिंह कंडारी का आमरण अनशन शुक्रवार को छठे दिन भी जारी रहा, जिससे उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है। ग्रामीणोें ने मांगों की अनदेखी करने पर पटवारी चौकी से जुलूस निकालकर बाजार बंद कराने के साथ ही कंपनी प्रबंधन का पुतला फूंका। आंदोलनकारी के स्वास्थ्य की जांच करने गए पिलखी पीएचसी के प्रभारी डा. श्याम विजय ने बताया कि अनशनकारी के स्वास्थ्य में गिरावट आ रही है। उनका वजन तीन किलोग्राम कम हो गया है। इस मौके पर भरत सिंंह गुर्साइं, विनोद तिवाड़ी, जितेंद्र सिंंह रावत, बलबीर सिंह, भजन सिंह, नरेश और देवी प्रसाद सहित कई लोग मौजूद थे

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